देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र की एक ऐतिहासिक पहल के तहत, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अक्टूबर, 2021 को पीएम गति शक्ति- मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान का शुभारम्भ किया था। भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को अभी तक विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के साथ ही सूचनाओं की कमी के चलते परियोजनाओं के निष्पादन में लागत और समय में बढ़ोतरी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता था। इन समस्याओं के चलते न सिर्फ जनता को असुविधा होती थी, बल्कि देश भी विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर से वंचित रह जाता था। इसके समाधान के लिए, इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के उद्देश्य से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने, सभी उपलब्ध और जरूरी सूचनाओं को एक ही वेब आधारित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए थे। इसके अलावा, स्वीकृति लेने की प्रक्रिया में समय लगने, कई नियामकीय स्वीकृतियों जैसी अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
इस दिशा में पीएम गति शक्ति कार्यक्रम को प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए हितधारकों के लिए समग्र योजना को संस्थागत बनाते हुए पिछले मुद्दों के समाधान के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। पीएम गति शक्ति छह स्तंभों : समग्रता, प्राथमिकता, अनुकूलन, समकालिकता, विश्लेषिकी और गतिशीलता पर आधारित है। परियोजनाओं की योजना और डिजाइन का काम अलग-अलग करने के बजाय, एक समान विजन के साथ डिजाइन और निष्पादन का काम किया जाएगा। इसमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों की इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं को शामिल किया जाएगा। इसमें बीआईएसएजी-एन द्वारा विकसित इसरो छवि के साथ स्थानीय नियोजन के साधनों सहित व्यापक रूप से प्रौद्योगिकी का लाभ उठाएगा।